Bahare Shariat Volume 1 in Hindi Language बहारे शरीयत खंड 1 हिंदी भाषा में

  • Version
  • Download 21
  • File Size 15 MB
  • File Count 1
  • Create Date March 8, 2026
  • Last Updated March 8, 2026

Bahare Shariat Volume 1 in Hindi Language बहारे शरीयत खंड 1 हिंदी भाषा में

हिंदी परिचय

बहारे शरीअत (हिस्सा अव्वल): ईमान की बुनियाद

सद्रुश शरीआ, मौलाना अमजद अली आज़मी द्वारा रचित 'बहारे शरीअत' सुन्नी इस्लामी साहित्य का एक ऐसा अनमोल खजाना है, जिसे 'उर्दू-हिंदी की हिदाया' (कानूनी विश्वकोश) कहा जाता है। इसका पहला हिस्सा (भाग 1) पूरी तरह से 'अक़ाइद' (बुनियादी इस्लामी विश्वासों) पर आधारित है।

इस भाग में मौलाना ने बहुत ही सरल और स्पष्ट भाषा में उन बुनियादी बातों को समझाया है, जिन पर ईमान लाना हर मुसलमान के लिए ज़रूरी है:

  • अल्लाह की ज़ात और सिफ़ात: खुदा की एकता और उसकी खूबियों का सही बयान।

  • रिसालत (नबुव्वत): अंबिया (पैग़म्बरों) की शान, उनकी मासूमियत और हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के आख़िरी नबी होने का अक़ीदा।

  • आख़िरत और कयामत: मरने के बाद की ज़िंदगी, जन्नत, दोज़ख़ और हिसाब-किताब के अहवाल।

  • मलयका और जिन्नात: फ़रिश्तों और जिन्नात से जुड़े इस्लामी नज़रियात।

यह किताब केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि एक मुकम्मल गाइड है जो एक मोमिन को गुमराह करने वाली विचारधाराओं से बचाकर 'हक़' के रास्ते पर मज़बूती से खड़ा करती है।


Scroll to Top